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केदारनाथ यात्रा: रजिस्ट्रेशन और तैयारी

KH By Kedarnath Helicopter Yatra Editorial· Updated 2026-09-29·8 min read

Key takeaways

केदारनाथ की यात्रा (Kedarnath ki yatra) के लिए सबसे पहले उत्तराखंड सरकार के पोर्टल पर मुफ़्त रजिस्ट्रेशन कराएं, फिर हरिद्वार या ऋषिकेश से सड़क मार्ग से सोनप्रयाग पहुंचें और गौरीकुंड से लगभग 16 किमी की चढ़ाई पैदल, घोड़े, पालकी या हेलीकॉप्टर से पूरी करें। मई–जून और सितंबर–अक्टूबर सबसे अच्छा समय है।

केदारनाथ मंदिर भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है और उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग ज़िले में लगभग 3,583 मीटर की ऊंचाई पर, मंदाकिनी नदी के उद्गम क्षेत्र के पास स्थित है। यह चार धाम यात्रा का हिस्सा भी है और पंच केदार में प्रथम माना जाता है। ऊंचाई, मौसम और सीमित दैनिक यात्री संख्या के कारण यह यात्रा बाकी तीर्थों से अलग तैयारी मांगती है। इस गाइड में हमने यात्रा का पूरा क्रम दिया है: कब जाएं, कैसे पहुंचें, कितने दिन रखें, पैदल या हेलीकॉप्टर में से क्या चुनें, क्या सामान ले जाएं, और अंत में रजिस्ट्रेशन के सटीक चरण। अगर आप सीधे रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया देखना चाहते हैं, तो हमारा केदारनाथ यात्रा रजिस्ट्रेशन पेज हर स्टेप को विस्तार से समझाता है।

ध्यान दें: मंदिर खुलने-बंद होने की तिथियां, दैनिक यात्री सीमा, हेलीकॉप्टर किराया और नियम हर साल बदलते हैं। नीचे दी गई सभी दूरियां और समय लगभग हैं (2026 की स्थिति के अनुसार)। यात्रा से पहले आधिकारिक सूचना ज़रूर जांचें।

केदारनाथ की यात्रा (Kedarnath ki Yatra) एक नज़र में

विषयजानकारी (लगभग)
मंदिर की ऊंचाईलगभग 3,583 मीटर
ज़िला / राज्यरुद्रप्रयाग, उत्तराखंड
ट्रेक की शुरुआतगौरीकुंड (सोनप्रयाग से लगभग 5 किमी आगे)
पैदल दूरीगौरीकुंड से लगभग 16 किमी एक तरफ़
चढ़ाई का समयआम तौर पर 6–9 घंटे; उतराई 4–6 घंटे
निकटतम रेलवे स्टेशनऋषिकेश (सोनप्रयाग से लगभग 210–220 किमी)
निकटतम हवाई अड्डाजॉली ग्रांट एयरपोर्ट, देहरादून
हेलीपैडगुप्तकाशी, फाटा और सिरसी क्षेत्र
कपाट खुलने का समयआम तौर पर अप्रैल के अंत या मई की शुरुआत में
कपाट बंद होने का समयभाई दूज के दिन, अक्टूबर के अंत या नवंबर में
रजिस्ट्रेशनअनिवार्य और मुफ़्त

कपाट खुलने की तिथि महाशिवरात्रि पर और बंद होने का मुहूर्त विजयादशमी पर श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) द्वारा घोषित किया जाता है। सर्दियों में बाबा केदार की डोली ऊखीमठ के ओंकारेश्वर मंदिर में विराजती है, जहां शीतकालीन पूजा होती है।

केदारनाथ यात्रा का सबसे अच्छा समय

केदारनाथ का मौसम हर महीने बदलता है, और इसी से भीड़, किराया और सुरक्षा तय होते हैं।

महीनामौसमभीड़किसके लिए सही
अप्रैल अंत – मईठंडा, रास्ते के किनारे बर्फ़ संभवबहुत ज़्यादा (कपाट खुलने का उत्साह, छुट्टियां)जो पहले से बुकिंग कर चुके हैं
जूनसुहाना, दिन में धूपज़्यादापरिवार, पहली बार जाने वाले
जुलाई – अगस्तमानसून, भूस्खलन और रास्ता बंद होने का खतराकमकेवल अनुभवी यात्री, लचीली तारीखों के साथ
सितंबर – अक्टूबरसाफ़ आसमान, ठंडी रातेंमध्यम से ज़्यादाफ़ोटोग्राफ़ी, बुज़ुर्ग, शांत दर्शन
नवंबर (कपाट बंद होने तक)कड़ाके की ठंड, पालासमापन के दिनों में ज़्यादासमापन समारोह देखने वाले

हमारी सलाह: अगर तारीखें आपके हाथ में हैं, तो सितंबर के मध्य से अक्टूबर के मध्य तक का समय चुनें। मानसून के बाद हवा साफ़ रहती है, हेलीकॉप्टर उड़ानें ज़्यादा नियमित होती हैं और भीड़ मई–जून से कम रहती है।

केदारनाथ कैसे पहुंचें: हरिद्वार से गौरीकुंड तक का रास्ता

ज़्यादातर यात्री हरिद्वार या ऋषिकेश से सड़क मार्ग पकड़ते हैं। रास्ता अलकनंदा और मंदाकिनी घाटियों से होकर जाता है और बीच में कई प्रयाग (नदियों के संगम) आते हैं।

चरणदूरी (लगभग)समय (लगभग)टिप्पणी
हरिद्वार → ऋषिकेश25 किमी45–60 मिनटयहीं से पहाड़ी रास्ता शुरू होता है
ऋषिकेश → देवप्रयाग70–75 किमी2–2.5 घंटेभागीरथी और अलकनंदा का संगम
देवप्रयाग → श्रीनगर (गढ़वाल)35 किमी1 घंटाखाने और ईंधन का अच्छा पड़ाव
श्रीनगर → रुद्रप्रयाग33 किमी1 घंटाअलकनंदा और मंदाकिनी का संगम
रुद्रप्रयाग → गुप्तकाशी45 किमी1.5–2 घंटेरात रुकने का लोकप्रिय स्थान; हेलीपैड क्षेत्र
गुप्तकाशी → सोनप्रयाग30 किमी1–1.5 घंटेफाटा और सिरसी इसी रास्ते पर हैं
सोनप्रयाग → गौरीकुंड5 किमीशटल से 15–30 मिनटनिजी वाहन सोनप्रयाग पार्किंग तक ही
गौरीकुंड → केदारनाथ16 किमी6–9 घंटे पैदलरास्ते में भीमबली, लिनचोली और बेस कैंप

रेल से आने वालों के लिए ऋषिकेश और हरिद्वार सबसे सुविधाजनक स्टेशन हैं। हवाई यात्री जॉली ग्रांट एयरपोर्ट (देहरादून) पर उतरकर टैक्सी से ऋषिकेश होते हुए आगे बढ़ते हैं। ऋषिकेश से सोनप्रयाग का पूरा सफ़र आमतौर पर एक लंबा दिन (8–10 घंटे) लेता है, इसलिए ज़्यादातर लोग गुप्तकाशी या सोनप्रयाग के पास रात रुकते हैं। सोनप्रयाग से गौरीकुंड की शटल, पार्किंग और समय के बारे में हमारी सोनप्रयाग-गौरीकुंड शटल गाइड में विस्तार से बताया गया है।

पैदल, घोड़ा, पालकी या हेलीकॉप्टर: कौन सा विकल्प चुनें

गौरीकुंड से मंदिर तक पहुंचने के चार तरीके हैं। आपकी उम्र, सेहत, बजट और समय के हिसाब से सही विकल्प अलग होगा।

विकल्पकहां सेसमय (एक तरफ़)किसके लिए उपयुक्तध्यान रखें
पैदल ट्रेकगौरीकुंड6–9 घंटेस्वस्थ युवा और मध्यम आयु के यात्रीऊंचाई पर धीरे चलें, बीच-बीच में आराम करें
घोड़ा / खच्चरगौरीकुंड के अधिकृत काउंटर4–6 घंटेजो पूरा पैदल नहीं चल सकतेकेवल पंजीकृत काउंटर से रसीद लेकर बुक करें
पालकी / डंडी / कंडीगौरीकुंड5–7 घंटेबुज़ुर्ग और बच्चेदरें प्रशासन तय करता है; रसीद ज़रूर लें
हेलीकॉप्टरगुप्तकाशी, फाटा, सिरसीउड़ान लगभग 7–10 मिनटबुज़ुर्ग, कम समय वाले, स्वास्थ्य सीमाओं वाले यात्रीटिकट केवल IRCTC हेलीयात्रा पोर्टल से; मौसम पर निर्भर

हेलीकॉप्टर टिकट की मांग बहुत ज़्यादा रहती है और बुकिंग विंडो खुलते ही सीटें भर जाती हैं। नकली वेबसाइटों और व्हाट्सऐप एजेंटों से सावधान रहें; आधिकारिक बेस-फ़ेयर टिकट केवल IRCTC के हेलीयात्रा पोर्टल पर मिलते हैं, जिसके लिए पहले चार धाम रजिस्ट्रेशन नंबर ज़रूरी है। पैदल और हेलीकॉप्टर की विस्तृत तुलना हमारी हेलीकॉप्टर बनाम ट्रेक गाइड (अंग्रेज़ी) में उपलब्ध है।

कितने दिन की योजना बनाएं: 5 दिन का नमूना कार्यक्रम

ज़्यादातर यात्री एक दिन में चढ़ाई और अगले दिन उतराई करते हैं। नीचे हरिद्वार से एक संतुलित कार्यक्रम है, जिसमें मौसम के लिए एक अतिरिक्त दिन भी रखा गया है।

दिनकार्यक्रमरात्रि विश्राम
दिन 1हरिद्वार/ऋषिकेश से सुबह जल्दी निकलें, देवप्रयाग और रुद्रप्रयाग होते हुए आगे बढ़ेंगुप्तकाशी या सोनप्रयाग के पास
दिन 2सुबह 4–5 बजे सोनप्रयाग पर रजिस्ट्रेशन जांच, शटल से गौरीकुंड, ट्रेक शुरूकेदारनाथ
दिन 3सुबह दर्शन, भैरवनाथ मंदिर, फिर उतराईसोनप्रयाग या गुप्तकाशी
दिन 4मौसम या थकान के लिए अतिरिक्त दिन; चाहें तो त्रियुगीनारायण मंदिर जाएंगुप्तकाशी
दिन 5ऋषिकेश/हरिद्वार वापसी—

हेलीकॉप्टर से जाने वाले यात्री दिन 2 और 3 को एक ही दिन में समेट सकते हैं, लेकिन मौसम के कारण उड़ानें घंटों देर हो सकती हैं, इसलिए एक अतिरिक्त दिन रखना समझदारी है। मंदिर परिसर में कितना समय मिलता है, इसकी जानकारी हमारी केदारनाथ बुकिंग चेकलिस्ट में भी है, जिसमें यह भी बताया गया है कि कौन सी बुकिंग किस क्रम में करें।

सेहत, सामान और सुरक्षा की तैयारी

शारीरिक तैयारी

क्या सामान साथ रखें

श्रेणीसामान
कपड़ेथर्मल इनर, ऊनी स्वेटर, विंडप्रूफ़ जैकेट, रेनकोट या पोंचो, ऊनी टोपी और दस्ताने
जूतेअच्छी पकड़ वाले ट्रेकिंग जूते (नए जूते यात्रा से पहले पहनकर तोड़ लें), अतिरिक्त मोज़े
दस्तावेज़रजिस्ट्रेशन पत्र (प्रिंट और मोबाइल में), मूल पहचान पत्र, हेलीकॉप्टर टिकट हो तो उसकी प्रति
दवाइयांअपनी नियमित दवाइयां, दर्द निवारक, ORS, बैंडेज, और डॉक्टर की सलाह पर ऊंचाई संबंधी दवा
अन्यटॉर्च, पावर बैंक, पानी की बोतल, सूखे मेवे, सनस्क्रीन, छोटा बैग जिसे आसानी से ढो सकें

हेलीकॉप्टर यात्रियों के लिए सामान की सीमा बहुत कम होती है, इसलिए हल्का बैग रखें। मोबाइल नेटवर्क रास्ते में कहीं-कहीं कमज़ोर रहता है; ज़रूरी दस्तावेज़ों के स्क्रीनशॉट और प्रिंट दोनों रखें।

आपातकालीन संपर्क

रुद्रप्रयाग ज़िला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर केदारनाथ यात्रा कंट्रोल रूम के नंबर (01364-297878 और 01364-297879) दिए गए हैं। यात्रा से पहले इन्हें अपने फ़ोन में सेव करें और वेबसाइट पर ताज़ा नंबर एक बार फिर जांच लें, क्योंकि ये बदल सकते हैं।

केदारनाथ यात्रा रजिस्ट्रेशन: चरण-दर-चरण प्रक्रिया

यात्रा की सारी तैयारी का आख़िरी और सबसे ज़रूरी हिस्सा रजिस्ट्रेशन है। उत्तराखंड सरकार ने चार धाम यात्रा के हर यात्री के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया है। यह मुफ़्त है, और इसी के आधार पर सोनप्रयाग जैसी जगहों पर जांच होती है तथा हेलीकॉप्टर बुकिंग भी इसी नंबर से होती है।

  1. आधिकारिक पोर्टल खोलें: उत्तराखंड पर्यटन विभाग का रजिस्ट्रेशन और टूरिस्ट केयर पोर्टल खोलें, या “Tourist Care Uttarakhand” मोबाइल ऐप का उपयोग करें।
  2. अकाउंट बनाएं: मोबाइल नंबर और OTP से लॉग-इन बनाएं। एक अकाउंट से पूरे परिवार या समूह के सदस्य जोड़े जा सकते हैं।
  3. यात्री विवरण भरें: हर यात्री का नाम (पहचान पत्र के अनुसार), उम्र, लिंग, मोबाइल नंबर और पहचान पत्र का प्रकार व नंबर डालें। आधार कार्ड सबसे आम विकल्प है।
  4. धाम और तारीख चुनें: केदारनाथ चुनें और दर्शन की तारीख डालें। अगर उस दिन का कोटा भर चुका है, तो अगली उपलब्ध तारीख चुननी पड़ेगी।
  5. सबमिट करें और पत्र डाउनलोड करें: पुष्टि होने पर हर यात्री का रजिस्ट्रेशन नंबर और QR कोड वाला पत्र मिलता है। इसे डाउनलोड करके प्रिंट भी कर लें।
  6. हेलीकॉप्टर बुकिंग (यदि चाहिए): इसी रजिस्ट्रेशन नंबर से IRCTC हेलीयात्रा पोर्टल पर टिकट बुक होता है। नाम और पहचान पत्र दोनों जगह एक जैसे होने चाहिए।
  7. यात्रा के दिन: रजिस्ट्रेशन पत्र और वही मूल पहचान पत्र साथ रखें, जिसका नंबर फ़ॉर्म में डाला था।

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन न हो पाए तो हरिद्वार, ऋषिकेश और यात्रा मार्ग पर ऑफ़लाइन काउंटर भी खोले जाते हैं, लेकिन वहां लंबी कतारें लगती हैं और सीमित कोटा रहता है। किसी भी एजेंट को रजिस्ट्रेशन के लिए पैसे न दें; यह पूरी तरह मुफ़्त है। दैनिक सीमा कैसे काम करती है, इसके लिए हमारी रजिस्ट्रेशन दैनिक सीमा गाइड देखें, और अंग्रेज़ी में स्क्रीनशॉट सहित प्रक्रिया के लिए केदारनाथ यात्रा रजिस्ट्रेशन गाइड पढ़ें। पूरी प्रक्रिया, ज़रूरी दस्तावेज़ और आम ग़लतियों के समाधान के लिए हमारा मुख्य रजिस्ट्रेशन पेज भी उपयोगी रहेगा।

रजिस्ट्रेशन की आम ग़लतियां

Frequently asked questions

केदारनाथ की यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन ज़रूरी है क्या?

हां, उत्तराखंड सरकार ने चार धाम यात्रा के हर यात्री के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया है। यह मुफ़्त है और आधिकारिक पोर्टल या Tourist Care Uttarakhand ऐप से किया जा सकता है।

गौरीकुंड से केदारनाथ कितना किलोमीटर है?

गौरीकुंड से केदारनाथ मंदिर तक पैदल दूरी लगभग 16 किमी है। चढ़ाई में आम तौर पर 6 से 9 घंटे और उतराई में 4 से 6 घंटे लगते हैं।

केदारनाथ यात्रा का सबसे अच्छा समय कौन सा है?

मई-जून और सितंबर-अक्टूबर सबसे अच्छे महीने हैं। सितंबर के मध्य से अक्टूबर के मध्य तक मौसम साफ़ और भीड़ अपेक्षाकृत कम रहती है। जुलाई-अगस्त में मानसून के कारण जोखिम ज़्यादा होता है।

केदारनाथ यात्रा में कितने दिन लगते हैं?

हरिद्वार या ऋषिकेश से आम तौर पर 4 से 5 दिन लगते हैं, जिसमें एक अतिरिक्त दिन मौसम के लिए रखना बेहतर है। हेलीकॉप्टर से यात्रा में एक दिन कम हो सकता है।

केदारनाथ हेलीकॉप्टर टिकट कहां से बुक करें?

आधिकारिक हेलीकॉप्टर टिकट केवल IRCTC हेलीयात्रा पोर्टल से बुक होते हैं, और इसके लिए पहले चार धाम रजिस्ट्रेशन नंबर ज़रूरी है। अनजान वेबसाइट या व्हाट्सऐप एजेंट को पैसे न दें।

Authoritative referenceShri Badrinath–Kedarnath Temple Committee (official) ↗

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Written and reviewed by the Kedarnath Helicopter Yatra editorial team. Facts checked against primary sources; see the reference above.

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